अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे / Ashraf Ka Karam Hai Mujh Pe Mere
दिल जो बना मेरा चिश्ती हरम अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे आप का रौज़ा कितना 'आली आप के दर की शान निराली रौज़ा तुम्हारा है बाग़-ए-इरम अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे जो भी दर पे आए तुम्हारे ख़ाली झोली भर के जाए बड़ा सख़ी देखो मेरा सनम अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे मौला 'अली की आँख के तारे ग़ौस-ए-आ'ज़म के हैं दुलारे तुम पे फ़िदा, आक़ा ! 'अरब-ओ-'अजम अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे नाज़ करे अशरफ़ का दीवाना पाया है कितना पाक घराना ये तो हमारा है दीन-ओ-धरम अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे शान से कहता है ये निज़ामी पाई जो तेरे दर की ग़ुलामी तेरी ग़ुलामी है रब का करम अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे अशरफ़ का करम है मुझ पे मेरे ना'त-ख़्वाँ: आ'ज़म रज़ा तहसीनी हाफ़िज़ कामरान क़ादरी dil jo bana mera chishti haram ashraf ka karam hai mujh pe mere aap ka rauza kitna 'aali aap ke dar ki shaan niraali rauza tumhaara hai baaG-e-iram ashraf ka karam hai mujh pe m...